नई दिल्ली (विश्वास न्यूज). 4 मार्च 2025 को हुए मैच में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया टीम को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ट्रेविस हेड की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें उन्हें भावुक होते हुए देखा जा सकता है. यूजर्स इन तस्वीरों को असली समझकर शेयर कर दावा कर रहे हैं कि मैच हारने के बाद ट्रेविस हेड अपनी पत्नी के सामने भावुक होकर रोने लग गए.
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में दावे को गलत पाया. ट्रेविस हेड के साथ उनकी पत्नी की ये तस्वीरें ऑरिजिनल नहीं, बल्कि फेक हैं, जिन्हें एआई टूल की मदद से बनाया गया है. यूजर्स इन तस्वीरों को सच समझकर गलत दावे से शेयर कर रहे हैं.
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर देशराज मीना अजबगढ़ ने 5 मार्च 2025 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “कल सेमीफाइनल मैच के बाद, ट्रेविस हेड काफी भावुक हो गया था और अपनी पत्नी के सामने मैदान में ही रोने लगा था, ये फ़ोटो कल से काफी वायरल हो रही है. इसे ये पता नहीं है कि भारत वालो को इसने कितना रुलाया है, एक बार खुद के ऊपर पड़ा तो रोने लगा खडा खडा. ये फ़ोटो देखकर मुझे तो बहुत ही सुकून मिल रहा है, ये हेड नही हमारा हेडेक रहा है हमेशा.”
कई यूजर्स ने इस तस्वीर को सच मानकर शेयर किया है. पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें.
पड़ताल
वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने तस्वीर को गौर से देखा. हमने पाया कि तस्वीर में कई खामियां है. दोनों तस्वीरों के बैकग्राउंड का धुंधलापन और तस्वीरों में चेहरे की बनावट में अंतर है. ट्रेविस हेड की टी शर्ट में एक जगह ऑस्ट्रेलिया लिखा हुआ है, जबकि एक टी शर्ट में ऐसा कुछ नहीं है. ऐसे में हमें तस्वीर के एआई होने का संदेह हुआ.

हमने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए फोटो को एआई की मदद से बने मल्टीमीडिया की जांच करने वाले टूल्स की मदद से सर्च किया. हमने हाइव मॉडरेशन की मदद से भी फोटो को सर्च किया. इस टूल ने फोटो के 88.7 फीसदी तक एआई जेनरेटेड होने की संभावना बताई.

हमने एक अन्य टूल की मदद से तस्वीर को एक बार फिर सर्च किया. हमने साइट इंजन की मदद से तस्वीर को सर्च किया. इस टूल ने भी फोटो को 99 फीसदी तक एआई जेनरेटेड होने की संभावना जताई.

हमने एआई फोटो डिटेक्शन टूल्स डी कॉप टूल की मदद से भी फोटो को सर्च किया. टूल ने फोटो के 94.03 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई.

हमने वायरल पोस्ट को एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में काम कर रहे रिसर्चर अजहर माचवे के साथ शेयर किया. उन्होंने तस्वीरों को एआई जेनरेटेड बताया . उन्होंने कहा कि तस्वीरों में लाइटिंग और रंग सही नहीं है. इसमें दिख रहा बैकग्राउंड धुंधला है और दोनों तस्वीरों में चेहरे की बनावट अलग है. जिससे साफ है कि यह तस्वीरें एआई के इस्तेमाल से बनाई गई है.
अंत में हमने पोस्ट को गलत दावे के साथ शेयर करने वाली फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया. हमने पाया कि यूजर को करीबन 6 हजार लोग फॉलो करते हैं.
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ट्रेविस हेड और उनकी पत्नी की वायरल तस्वीरें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाई गई है, जिन्हे लोग असली समझकर शेयर कर रहे हैं
[डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट Shakti Collective के पार्ट के तहत पहले vishvasnews पर छपी थी. एबीपी लाइव हिंदी ने हेडलाइन के अलावा रिपोर्ट में कोई बदलाव नहीं किया है.]